10 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने किया हमला, फूफा ने बचाई जान
धार
जिले अमझेरा वन क्षेत्र मे तेंदुए की हमले की घटना रुक नही रही है, शनिवार देर रात जमानियापाड़ा वनग्राम मे 10 वर्षीय बालक ज्ञानसिंह तूफान वास्केल को शौच करते समय झाड़ियों मे छुपे आदमखोर तेंदुए ने अचानक हमला कर बालक की गर्दन पकड़ ली ।
जैसे बालक ने शोर मचाया आवाज सुनकर फूफाजी मेहताब मानसिंह ने शोर मचाते हुए जंगल की तरफ दौड़ लगाई मेहताब ने देखा कि बालक का गला तेंदुए ने पकड़ रखा उसे वह घर करीब 15 फिट दूर जंगल मे ले जा रहा था मेहताब ने तत्काल पत्थर उठाकर तेंदुए के ओर फेका तेंदूआ वापस पलटा ओर बालक को वही छोड़ दिया वह मेहताब की तरफ पलटकर आया कुछ देर में बड़ी सख्या में ग्रामीणजन भी एकत्रित हो गए ,आदमखोर तेंदुए का आमना सामना कर उसे जंगल की तरफ भगाया।
घायल बालक ज्ञानसिंह को लेकर परिजन राजा बख्तावर समुदायिक स्वस्थ्य केंद्र पहुँचे ,डॉ ए के चौधरी ने बताया कि बालक को गर्दन और कान के समीप जानवर के दाँत लगे है टाँके लगाकर उपचार किया गया है , परिजन के मुताबिक तेंदुए पिछले चार दिनों से क्षेत्र में घूम रहा है , इसकीं सूचना वन विभाग को दी गई थी लेकिन अब तक कोई नही पहुँचा था देर रात घटना के बाद भी वन विभाग का कर्मचारी घटना स्थल पर नही पहुँचा था।
पिछले एक वर्ष के दौरान अमझेरा जंगल क्षेत्र मे करीब 10 बच्चो पर तेंदुए ने हमला करने की घटना हो चुकी है 5 बालक बालिका की मौत भी हो चुकी है वन विभाग लगातार बढ़ रही घटना के बाद भी अब तक नही जागा है जबकि वनवासी क्षेत्र लगातार दहशत में है बताया जा रहा है कि वन ग्राम में लगातार जंगलो की कटाई हो रही है जिसमे विभाग के कुछ कर्मचारी के साठ गाठ से यह कटाई का काम चल रहा है जिसके कारण वन्यप्राणी अब खुखार बन रहे है। अमझेरा वन क्षेत्र भगोलिक दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा क्षेत्रफल में बसा है यहाँ कभी लाखो व्रक्ष होते थे जो अब हजारों में सिमट गए है । डी एफ़ ओ ने बताया की घटना की जानकारी मिली है रिस्क्यु टीम गठित कर पिंजरा लगाएंगे। जंगल कटाई को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा ।

पाठको की राय